इंस्टाग्राम में DM आया कसम से खुश हो गए बायो में DELHIITE भी लिखा था..गूगल खोले देखे 10 TIPS TO IMRESS A GIRL . 5 ही मिनट में पूरा पढ़ डाले और सीधा सब कुछ कॉपी करते गए मैसेज में उन्होंने नंबर दिया हम समझ गए इनकी भी हालात भी बस हमारी जैसी है, पूछने पे बतायीं की SOUTHEX की हैं, बस हम सातवे आसमान में, हम ने ज़िद्द ही कर दी मिलने की, डर था कहीं किसी और के DM का रिप्लाई न कर दें ये | जैसे की सब आकर मिलते हैं राजीव चौक में हम भी मिले, सेंट्रल पार्क पास ही था बैठे फिर जैसे ही उन्होंने सामने CCD देखि उन्हें धूप लगने लगी हम भी तैयार हो कर आये थे इसके लिये कसम से | पहुँच गए बढ़िया माहौल था अंदर का एक दम चका चौंध खूब बढ़िया कॉफ़ी महक रही थी मेनू में उन्हें ETHIOPIAN कॉफ़ी पसंद थी 140 की ,गुप्ता जी की दुकान याद आ गयी कसम से 5 रुपये का पाउच लाते थे और हम सब पीते थे बहुत गन्दा लूटने वाले थे एहसास हो रहा था दोस्त होता तो कह भी देते एक और मग्घा ले आना बे इसी में पी लेंगे, पर चोमू बन गए थे, मंगवा लिए | वो परी लग रही थी कसम से, हम तो मतलब बहुत खुश थे की हो गया अब हो गया, वो जैसे ही कॉफ़ी में दिल बनवाने गयीं तो उनके फ़ोन में TINDER का नोटिफिकेशन POP होने लगा,बहुत गन्दा दिल टूट गया हमारा भी और कॉफ़ी वाला भी कॉफ़ी का तो हम ही तोड़े थे पी गए उसको | वो कह रही थी ये नार्मल हैं , हमको व् लगा सही हैं | चले आये वहां से बैठे थे उदास कसम से गरिया रहे थे सब सेंट्रल पार्क में नीचे साइड बैठने वालो को | शाम को जब सोचे की ऐसे नहीं चल पायेगा गए RAFTAAR में एक FOSTERS खोल ही रहे थे की वहां एक हमारे जैसा ही लड़का उस परी को प्रोपोज़ कर रहा था, हम समझ गए नार्मल क्या है| SHE ACCEPTED HIM फिर कुछ देर बाद दोनों "मेरे सैयां जी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया" वाले गाने में खूब नाच रहे थे, उस लड़के में हमको हम ही दिख रहे थे, FOSTERS भी छोड़ आये उसी के लिए |
हमको कसम से अपना शहर याद आ गया उसको एक बार बस मिश्रा सर की कोचिंग से उतरते देख लेते थे तो 3 हफ्ते कि खुराक मिल जाती थी बस हो गया उतने में ही खुश रह लेते थे, केमिस्ट्री लैब हम बार बार क्यों जाते थे? जिससे रोशनदान से उनको झाँक सकें और केमिस्ट्री वाली मैडम समझ जाती थी की कुछ देर तक और झांकते रहे तो एक्सप्लोसिव रिएक्शन हो जायेगा और हमे बुला लेती थी लैब में | ऑनलाइन डेटिंग तो हम करते थे उनके 3 months ago के TTYL को पढ़ कर खुश होते रहते थे , DDLJ टाइप रोमांटिक लगता था वो मीनिंग उसकी कभी पूंछते ही नहीं थे उनसे ,शर्म आती थी,अब लगता हैं काश पूछ ही लिए होते पर तब कि मजा अलग था रजाई लाख अच्छी थी पार्क से ,तकिया लाख अच्छा था HUG से | उम्मीद नहीं छोड़े हैँ पर हमको पता हैं जब उनकी शादी हो जाएगी और कार के पीछे लाल स्टीकर से जो दो बच्चो के नाम लिखे होंगे उनमे से छोटे वाले का नाम 'PRINCE ' जरूर होगा |
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